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Blogs : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया.


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया.


Uploaded Date: 16 August 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया.

सफेद कुर्ता और चूड़ीदार पायजामा तथा तीन रंगों वाला साफा पहने मोदी जब समारोह स्थल पर पहुंचे तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया. इसके बाद प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया. लाल किले पर पहुंचने से पहले मोदी राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देशव़ासियों को स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की बधाई दी. उन्होंने देश के कई हिस्सों में आई बाढ़ पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं. पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान किसानों, प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों, डॉक्टरों, मुस्लिम महिलाओं समेत कई मुख्य बिंदुओं का जिक्र किया.

पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

मेरे प्यारे देशवासियों, स्वतंत्रता दिवस के इस पवित्र दिवस पर सभी देशवासियों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं. आज रक्षाबंधन का भी पर्व है. सदियों से चली आ रही परंपरा भाई-बहन के प्यार को अभिव्यक्त करती है. मैं सभी देशवासियों और भाई बहनों को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अनेक-अनेक शुभकामना देता हूं.

आज जब देश आजादी का पर्व मना रहा है उसी समय देश के अनेक भागों में अति वर्षा, बाढ़ के कारण लोग कठिनाइयों से जूझ रहे हैं. कई लोगों ने अपने स्वजन खोये हैं, मैं उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं|

देश आजाद होने के बाद से इतने वर्षों में देश की शांति और सुरक्षा के लिए अनेक लोगों ने अपना योगदान दिया है. आज मैं उन सबको भी नमन करता हूं. नयी सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिए गए हैं, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं.

अगर 2014 से 2019 आवश्यकताओं की पूरी का दौर था तो 2019 के बाद का कालखंड देशवासियों की आकांक्षाओं की पूर्ति का कालखंड है, उनके सपनों को पूरा करने का कालखंड है.

किसानों और छोटे व्यापारियों को 60 वर्ष की आयु के बाद आर्थिक सहारा देने के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया है. जल संकट से निपटने के लिए, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजनाएं बनाएं, इसके लिए एक अलग जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है.

‘सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र लेकर हम चले थे लेकिन 5 साल में ही देशवासियों ने ‘सबका विश्वास' के रंग से पूरे माहौल को रंग दिया.

समस्यों का जब समाधान होता है तो स्वावलंबन का भाव पैदा होता है, समाधान से स्वालंबन की ओर गति बढ़ती है. जब स्वावलंबन होता है तो अपने आप स्वाभिमान उजागर होता है और स्वाभिमान का सामर्थ्य बहुत होता है.

मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया गया, आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून में संशोधन किया गया.

पांच साल पहले लोग हमेशा सोचते थे कि ‘क्या देश बदलेगा' या ‘क्या बदलाव हो सकता है'? अब लोग कहते हैं कि- हां, मेरा देश बदल सकता है.

अनुच्छेद 370 को खत्म करके सरदार पटेल के सपने को पूरा किया. 370 पर हर दल के लोगों का समर्थन मिला. 370 की वकालत करने वालों से देश सवाल पूछ रहा है. 370 जरूरी था तो स्थाई क्यों नहीं किया गया?

15 अगस्त पर महत्वपूर्ण निबंध 

हमारे सभी त्योहारों में 15 अगस्त अर्थात स्वतंत्रता दिवस सबसे महत्वपूर्ण स्थान रखता है| स्वतंत्रता दिवस का त्यौहार सभी त्योहारों में सबसे ज्यादा मनाया जाने वाला त्यौहार है.

इस दिन सभी जाति धर्म के लोग आपस में बिना किसी भेदभाव के यह त्यौहार मनाते है| सब में देशभक्ति की भावना जगती है, स्कूल में फंक्शन होता है, बच्चे इस त्यौहार के ऊपर निबंध लिखते है.

पर जो छात्र स्वतंत्रता दिवस पर निबंध नही लिख पाते वो इस लेख के जरिये अपना निबंध लिख सकते है| इस लेख में हम 6 निबंध लिखेंगे जिसको आप कॉपी करके अपने स्कूल में दिखा सकते हो.

तो आईये प्यारें छात्रों, आपका ज्यादा समय न लेते हुए 15 अगस्त पर छोटा निबंध को पढ़ना शुरू करते हैं |

भारत देश अन्य देशों से अलग है| 15 अगस्त 1947 को भारत देश आजाद हुआ था जिसकी ख़ुशी में हर साल भारत के लोग इस त्यौहार को बड़ी ही धूम धाम के साथ मनाते हैं.

स्वतंत्रता दिवस का त्यौहार नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाता है और भारत के प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर झंडा फहराया जाता है और लाखों लोगों की भीड़ स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होती है.

लाल किले पर प्रधानमंत्री द्वारा भाषण दिया जाता है और तीनों भारतीय सेनाओं द्वारा अपनी ताकत का प्रदर्शन किया जाता है| साथ ही कई सारे रंगारंग कार्यक्रम प्रदर्शित होते हैं जैसे-भारत के राज्यों द्वारा झाकिंयों के माध्यम से अपनी कला और संस्कति की प्रस्तुति, स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन करना आदि.

15 अगस्त पर भारत के उन सभी महान हस्तियों को याद करते है जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्णं योगदान दिया और यह उत्सव देश के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों में बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है |

भारत देश सभी देशों से अलग है| भारत में विभिन्न प्रकार के त्यौहार मनाये जाते हैं| आज भारत में सभी जाती धर्म के लोग आजादी के साथ जीते हैं| भारत में आजादी के बाद जाति भेदभाव करीब करीब खत्म ही हो गया है अब चारों तरफ एक समानता नजर आती है.

15 अगस्त 1947, भारत की आजादी का दिन है इस खास दिन को एक उत्सव की तरह हर साल भारत में स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाया जाता है.

इस कार्यक्रम को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाता है और भारत के प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर झंडा फहराया जाता है तथा लाखों लोगों की भीड़ स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होती है.

लाल किले पर प्रधानमंत्री द्वारा भाषण दिया जाता है और तीनों भारतीय सेनाओं द्वारा अपनी ताकत का प्रदर्शन किया जाता है साथ ही कई सारे रंगारंग कार्यक्रम प्रदर्शित होते हैं जैसे-भारत के राज्यों द्वारा झाकिंयों के माध्यम से अपनी कला और संस्कति की प्रस्तुति, स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन करना आदि।

15 अगस्त पर हम भारत के उन सभी महान हस्तियों को याद करते है जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्णं योगदान दिया। साथ ही यह उत्सव देश के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य स्थलों पर भी पूरे हर्षोंल्लास के साथ मनाया जाता है.

भारतीय स्वतंत्रता दिवस हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है| इस दिन राष्ट्रीय अवकाश होता है ये दिन भारतीय लोगों को ब्रिटिश शासन से अपने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए हुए युद्ध को याद दिलाता है.

भारत की आजादी ढ़ेरों आंदोलनों और सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानियों की आहुतियों से ही प्राप्त हुई है। आजादी के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरु भारत के पहले बने जिन्होंने दिल्ली के लाल किले पर झंडा फहराया.

स्वतंत्रता दिवस दिन को शिक्षक, विद्यार्थी, अभिवाहक और सभी लोग ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रगान कर मनाते हैं| भारतीय ध्वज तिरंगा प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर फहराया जाता है.

राष्ट्रीय ध्वज को 21 तोपों की सलामी के साथ उस पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर सम्मान दिया जाता है.

हमारे तिरंगे झंडे में केसरिया हिम्मत और बलिदान को, सफेद रंग शांति और सच्चाई को तो वहीं हरा रंग विश्वास और शौर्य को प्रदर्शित करता है.

भारतीय तिरंगे के मध्य एक अशोक चक्र होता है जिसमें 24 तिलियाँ होती है। इस खास दिन पर हम भगत सिंह जी, सुखदेब जी, राजगुरु जी गांधीजी जैसे उन साहसी पुरुषों के महान बलिदानों को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके अविस्मरणीय योगदानों के लिये याद करते है.

स्कूलों में कॉलेजों और अन्य मुख्य स्थानों पर विद्यार्थी द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों पर व्याख्यान दिया जाता हैं तथा परेड में भाग लिया जाता हैं.

इस खास अवसर को सभी अपनी-अपनी तरह मनाते है, कोई देशभक्ति की फिल्में देखते है तो कोई अपने परिवार और मित्रों के साथ बाहर घूमने जाता है तो कोई पतंगे उड़ाते हैं.

15 अगस्त 1947 को भारत देश आजाद हुआ था| भारतीय स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 पर ब्रिटिश साम्राज्य से भारत की स्वतंत्रता को प्राप्त करने की याद में हर साल भारतीयों द्वारा स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है.

स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय अवकाश होता है इस दिन, भारत के उन महान हस्तियों को श्रदा्ंजलि दी जाती है जिनके नेतृत्व में भारत के लोग सदा के लिये आजाद हुये हैं.

15 अगस्त का त्यौहार प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अपने तौर तरीकों से मनाया जाता है कोई मित्रों और परिवारों के साथ इस दिन को यादगार बनाता है तो कोई देशभक्ति गानों और फिल्मों को देख झूमता है, रंग बिरंगे पतंगे उडाते हैं.

इस दिन कई लोग कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर तथा विभिन्न माध्यमों के द्वारा स्वतंत्रता दिवस के महत्व को प्रचारित-प्रसारित करते है.

15 अगस्त 1947, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद प० जवाहर लाल नेहरू जी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने जिन्होंने दिल्ली के लाल किले पर भारतीय झंडा फहराने की प्रथा शुरू की।

इसी प्रथा को आने वाले दूसरे प्रधानमंत्रीयों ने भी आगे बरकरार रखा है| जहां ध्वजारोहण, परेड, तथा सांस्कृतिक कार्यकर्मो आदि से हर साल इसी दिन आयोजित होते है। भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर लोग अपने-अपने वस्त्रों पर, घर तथा वाहनों पर झंडा लगा कर मनाते है.

15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को अपने भाषण “’ट्रिस्ट वीद डेस्टिनी”, के साथ पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भारत की आजादी की घोषणा की थी साथ ही उन्होंने अपने भाषण में कहा कि, वर्षों की गुलामी के बाद ये वो समय है जब हम अपना संकल्प निभाएंगे और अपने दुर्भाग्य का अंत करेंगे.

भारत ही मात्र एक ऐसा देश है जहां करोड़ों लोग विभिन्न धर्म, परंपरा और संस्कृति के होते हुए भी एक साथ रहते है और स्वतंत्रता दिवस के इस उत्सव को पूरी खुशी के साथ मनाते हैं.

इस दिन, भारतीय होने के नाते, हमें गर्व होता है और हम भारतियों को ये वादा करना चाहिये कि हम किसी भी प्रकार के आक्रमण या अपमान से अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिये सदा देशभक्ति से पूर्णं और ईंमानदार रहेंगे.

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था| भारतीय स्वतंत्रता दिवस15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश साम्राज्य से भारत की स्वतंत्रता को प्राप्त करने की याद में हर साल भारतीयों द्वारा स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है.

स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय अवकाश होता है इस दिन, भारत के उन महान हस्तियों को श्रदा्ंजलि दी जाती है जिनके नेतृत्व में भारत के लोग सदा के लिये आजाद हुये हैं.

भारत में स्वतंत्रता दिवस, ‘ब्रिटिश शासन से आजाद होने की ख़ुशी में’ सभी भारतीयों के लिये एक महत्वपूर्णं दिन है। 15 अगस्त 1947 से स्वतंत्रता दिवस हर साल मनाया है.

गांधीजी, भगत सिंह जी, लाला लाजपत राय जी, तिलक जी और चन्द्रशेखर आजाद जी जैसे और अन्य हजारों देशभक्तों की कुर्बानीयों से स्वतंत्र हुआ भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रुप में है.

15 अगस्त को भारतीय अपने घरों को सजाते हैं, फिल्में देखते हैं, अपने घरों पर राष्ट्रीय झंडे को लगा कर, राष्ट्रगान और देशभक्ति गीत गाकर, रंग बिरंगी पतंगे उड़ाते हैं.

बच्चे तो रात को ही पतंगे तैयार कर लेते हैं और सुबह जल्दी उठ कर पतंग उड़ाने की ख़ुशी को मनाते हैं और भारतीय कई तरह से अपने स्वतंत्रता दिवस को मनाते हैं। राष्ट्रीय गौरव के इस पर्व को भारत सरकार द्वारा बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है.

स्वतंत्रता दिवस को भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर ध्वजारोहण करते है और उसके बाद इस उत्सव को और खास बनाने के लिये भारतीय सेनाओं द्वारा परेड, विभिन्न राज्यों की झांकियों की प्रस्तुति और राष्ट्रगान की धुन के साथ पूरा वातावरण में देशभक्ति का जोश जगा देते है.

अन्य सभी राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस को इसी उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसमें राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री मुख्य अतिथी के तौर पर होते है.

घर के बड़े लोग तो सुबह जल्दी ही तैयार होकर प्रधानमंत्री के भाषण का इंतजार करते है। भारतीय स्वतंत्रता इतिहास से प्रभावित लोग 15 अगस्त को देशभक्ति फिल्में देखते है और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं.

भगत सिंह जी, लाला लाजपत राय, प० जवाहर लाल नेहरू जी, महात्मा गांधी जी जैस लोगों की वजह से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को खूब मदद मिली और 200 साल के लंबे संघर्ष के बाद ब्रिटिश शासन से आजादी मिली.

स्वतंत्रता के लिये हर भारतीय एक जुट हो गए, चाहे वो किसी भी धर्म, वर्ग, जाति, संस्कृति या परंपरा को मानने वाले हो।

यहां तक कि अरुणा आसिफ अली, एनी बेसेंट, कमला नेहरु, सरोजिनी नायडु और विजय लक्ष्मी पंडित जैसी महिलाओं ने भी चुल्हा-चौका छोड़कर आजादी की लड़ाई में अपनी महत्वपूर्णं भूमिका अदा की थी.

हमारा भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था भारतीय स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश साम्राज्य से भारत की स्वतंत्रता को प्राप्त करने की याद में हर साल भारतीयों द्वारा स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है.

स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय अवकाश होता है इस दिन, भारत के उन महान हस्तियों को श्रदा्ंजलि दी जाती है जिनके नेतृत्व में भारत के लोग सदा के लिये आजाद हुये हैं.

भारत में स्वतंत्रता दिवस, ‘ब्रिटिश शासन से आजाद होने की ख़ुशी में’ सभी भारतीयों के लिये एक महत्वपूर्णं दिन है। 15 अगस्त 1947 से स्वतंत्रता दिवस हर साल मनाया है.

गांधीजी, भगत सिंह जी, लाला लाजपत राय जी, तिलक जी और चन्द्रशेखर आजाद जी जैसे और अन्य हजारों देशभक्तों की कुर्बानीयों से स्वतंत्र हुआ भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रुप में है और तो और भारतीय स्वतंत्रता दिवस कि कहानी बहुत बड़ी है न जाने कितने लोगों ने भारतीय स्वतंत्रता दिवस के लिए अपनी जान दी शहीद हुए और हमें आज एक स्वतंत्र देश दिया खुद तो मौत को गले लगाया और हमें एक आजाद देश अनमोल तोहफे के रूप में दिया है.

आज भी उन शहीदों कि याद में आँखों से आंसू आ जाते है जिन्होंने भारत कि आजादी के लिए अपनी जान दी थी| महात्मा गाँधी जी के नेतृत्व में जब भारतीय स्वतंत्रता युद्ध में लोगों ने बड़ी जिद्दो जहद के साथ बिना किसी हिंसक क्रिया के सविनय अवज्ञा आन्दोलन में भाग लिया.

अब जब भारत आजाद हुआ है तो 15 अगस्त को भारतीय लोग अपने घरों को सजाते हैं, फिल्में देखते हैं, अपने घरों पर राष्ट्रीय झंडे को लगा कर, राष्ट्रगान और देशभक्ति गीत गाकर, रंग बिरंगी पतंगे उड़ाते हैं.

बच्चे तो रात को ही पतंगे तैयार कर लेते हैं और सुबह जल्दी उठ कर पतंग उड़ाने की ख़ुशी को मनाते हैं और भारतीय कई तरह से अपने स्वतंत्रता दिवस को मनाते हैं। राष्ट्रीय गौरव के इस पर्व को भारत सरकार द्वारा बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है.

स्वतंत्रता दिवस को भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर ध्वजारोहण करते है और उसके बाद इस उत्सव को और खास बनाने के लिये भारतीय सेनाओं द्वारा परेड, विभिन्न राज्यों की झांकियों की प्रस्तुति और राष्ट्रगान की धुन के साथ पूरे वातावरण में देशभक्ति का जोश जगा देते है.

अन्य सभी राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस को इसी उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसमें राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री मुख्य अतिथी के तौर पर होते है.

घर के बड़े लोग तो सुबह जल्दी ही तैयार होकर प्रधानमंत्री के भाषण का इंतजार करते है। भारतीय स्वतंत्रता इतिहास से प्रभावित लोग 15 अगस्त को देशभक्ति फिल्में देखते है और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं.

भगत सिंह जी, लाला लाजपत राय, प० जवाहर लाल नेहरू जी, महात्मा गांधी जी जैस लोगों की वजह से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को खूब मदद मिली और 200 साल के लंबे संघर्ष के बाद ब्रिटिश शासन से आजादी मिली.

स्वतंत्रता के लिये हर भारतीय एक जुट हो गए, चाहे वो किसी भी धर्म, वर्ग, जाति, संस्कृति या परंपरा को मानने वाले हो। यहां तक कि अरुणा आसिफ अली, एनी बेसेंट, कमला नेहरु, सरोजिनी नायडु और विजय लक्ष्मी पंडित जैसी महिलाओं ने भी चुल्हा-चौका छोड़कर आजादी की लड़ाई में अपनी महत्वपूर्णं भूमिका अदा की थी.

हमारा भारत एक महान देश है जहां विभिन्न प्रकार के त्यौहार आदि मनाये जाते हैं हमारे भारत में सब एक समान है, हमारे भारत में कोई असमानता नहीं है अब और यहाँ हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई सब एक दुसरे के लिए मर मिटने को तैयार रहते हैं.

भारत की आजादी की कीमत सब जानते है, हमारा भारत महान तो था ही आज एक व्यापारी देश में भी तब्दील हो रहा है.

हम भारतीय हैं हमें इस बात पर गर्व है लेकिन हमारे भारत में कुछ लोग हैं जो इस आजादी की कद्र नहीं कर रहे है वे लोग उन लोगों की कुर्बानियों को भूल चुके हैं जिन्होंने अपनी जान गवां कर हमें आजादी दिलाई थी| वे हमेशा चाहते थे की हमारा भारत एक महान देश बने और हमारे भारत में एकता हमेशा बनी रहे लेकिन आज भी कहीं न कहीं धर्म जाति उंच नीच को लेकर वाद विवाद बने रहते हैं.

आप से इतना निवेदन है की आप न लड़ाई झगड़े करें और न ही करने दे| अमन चैन से जियें और जीने दे आजाद रहे और आजादी से सब को जीने दें| संविधान कानून का पालन करें और किसी अन्य को इसका उल्लंघन न करने दें आप से ही एक अच्छे भारत का निर्माण होना है “जय हिन्द जय भारत“

 

 

 

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